राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने कोविड-19 नियंत्रण की मौजूदा स्थिति की समीक्षा बैठक कर,स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दिए निर्देश

देहरादून : राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने सोमवार को राजभवन में उत्तराखण्ड में कोविड-19 नियंत्रण से सम्बन्धित स्थिति की समीक्षा बैठक ली। राज्यपाल श्रीमती मौर्य ने सचिव स्वास्थ्य को निर्देश दिये कि राज्य में कोविड रोकथाम के लिए किये जा रहे प्रयासों में तीव्रता लायी जाय। प्रशासन द्वारा कोविड रोकथाम के लिए जनभागीदारी और जनसहभागिता के साथ युद्धस्तर पर कार्य किया जाय। राज्यपाल ने निर्देश दिये कि भूतपूर्व सैनिकों,एनसीसी,विभिन्न एनजीओ और रेडक्रास के वॉलियन्टियर्स का कोविड रोकथाम के अभियान में सहयोग लिया जाय। उन्होंने कहा कि राज्य में कोविड नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य सुविधाएँ बढ़ाने के साथ ही कोविड के मरीजों की संख्या को बढ़ने से रोकना आवश्यक है। राज्यपाल ने अधिकारियों को राज्य में कोविड की शीघ्र रोकथाम हेतु एक ठोस कार्ययोजना शीघ्र अति शीघ्र बनाने के निर्देश दिये हैं।
राज्यपाल श्रीमती मौर्य ने सचिव स्वास्थ्य को निर्देश दिये कि उत्तराखण्ड के सर्वाधिक प्रभावित  छः जिलों हरिद्वार, देहरादून, उधमसिंह नगर, नैनीताल, पौड़ी और टिहरी के जिलाधिकारियों के साथ कोविड-19 रोकथाम के सम्बन्ध में शीघ्र बैठक ली जाय। अन्य पर्वतीय जिलों में भी अभी से स्थिति पर निगरानी रखी जाय। सचिव स्वास्थ्य डा. पंकज कुमार पाण्डेय ने जानकारी दी कि राज्य में विभिन्न सरकारी और गैर-सरकारी अस्पतालों की भागीदारी और सहयोग से कुछ होटलों को कोविड केयर यूनिट में बदला जा रहा है। हाल ही में स्वास्थ्य विभाग को 300 नये डाक्टर्स मिले हैं। एमबीबीएस के अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों को भी चिकित्सकों में सम्मिलित किया जा रहा है। नर्सिंग के विद्यार्थियों की भी सेवाएं ली जा रही हैं।  हल्द्वानी में स्टेडियम को कोविड केयर यूनिट में परिवर्तित किया गया है। राज्य में ऑक्सीजन के 6 प्लान्ट कार्यरत हैं। 2 अन्य ऑक्सीजन प्लान्ट शीघ्र आरम्भ होने जा रहा हैं। ऑक्सीजन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। राज्य में रेमडेसिविर इंजेक्शन की उपलब्धता पर पूरी निगरानी रखी जा रही है।
रेडक्रास सोसाइटी की अधिकारियों ने जानकारी दी कि रेडक्रास द्वारा प्रत्येक जिले में 800 वॉलियन्टर्स जोड़ने का लक्ष्य है ताकि सभी जिलों में रेडक्रास द्वारा कोविड रोकथाम में प्रभावी योगदान दिया जा सके। राज्यपाल श्रीमती मौर्य ने जिलाधिकारियों को जनपदस्तरीय रेडक्रास समितियों के अध्यक्षों के साथ इस सम्बन्ध में बैठक के निर्देश दिये। राज्यपाल ने कहा कि कोविड रोकथाम हेतु रेडक्रास समिति के संसाधनों और क्षमताओं का पूर्ण उपयोग किया जाय। रेडक्रास के वॉलियन्टर्स को जनजागरूकता के अभियान में लगाया जाय।
राज्यपाल श्रीमती मौर्य ने सेना के अधिकारियों को निर्देश दिये कि भूतपूर्व सैनिकों और एनसीसी के कैड्टस की कोविड-रोकथाम और जनजागरूकता में सहायता ली जाय। भूतपूर्व सैनिकों को रेडक्रास से जोड़ा जाय। युवाओं में कोविड के बढ़ते मामलों को देखते हुये एनसीसी के कैडेट्स युवाओं को जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
राज्यपाल श्रीमती मौर्य ने स्वास्थ्य महानिदेशक को निर्देश दिये कि कोविड रोकथाम के सम्बन्ध में अन्य राज्यों में की जा रही बेस्ट पै्रक्टिसेज को राज्य में यथासंभव अपनाया जाय। महिलाओं और बच्चों को विशेष रूप से सोशल डिस्टेंसिग,मास्क पहनने,सेनेटाइजेशन और स्वच्छता के बारे में जागरूक किया जाय।
इस अवसर पर जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव,स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. अमिता उप्रेती, स्वास्थ्य विभाग और रेडक्रास समिति के विभिन्न अधिकारी,अपर सचिव राजभवन जितेन्द्र कुमार सोनकर उपस्थित थे।

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