उत्तराखंडधर्म-अध्यात्म

मां यमुना के जयघोष के साथ यमुनोत्री धाम के कपाट हुए बंद

उत्तराखंड चारधाम यात्रा 2022

कपाट बंद होने के अवसर पर सैंकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे

इस यात्रा वर्ष कुल चार लाख छयासी हजार श्रद्धालुओं ने मां यमुना के दर्शन किए

गुरुवार को प्रात: शनिदेव सोमेश्वर देवता अपनी बहिन यमुना जी को बुलाने खरशाली खुशीमठ से यमुनोत्री धाम पहुंचे।

माता यमुना का मायका है खरसाली खुशीमठ

छ: माह मां यमुना की शीतकालीन पूजा खुशीमठ में होगी संपन्न

यमुनोत्री/खरशाली( खुशीमठ)/ उत्तरकाशी : उत्तराखंड के चार धामों में विशिष्ट महत्व रखनेवाले श्री यमुनोत्री धाम के कपाट विधि – विधान से समारोह पूर्वक गुरुवार को अपराह्न 12 बजकर 09 मिनट पर शीतकाल के लिए बंद हो गये हैं। गौरतलब है कि मां यमुना मृत्यु के देवता धर्मराज की बहिन हैं मां यमुना के दर्शन मात्र से प्राणियों में मृत्यु भय समाप्त हो जाता है।
मान्यता है कि भैया दूज के दिन यम देव अपनी बहिन यमुना जी को मिलने पृथ्वी लोक तक आते हैं। कहते हैं कि मां यमुना को यम देव ने वरदान दिया था कि भैया दूज के दिन जो भाई अपनी बहिन का आदर – सत्कार करेगा उसके संताप मिट जायेंगे। वह मृत्यु भय तक से मुक्त हो जायेगा। मां यमुना के एक भाई शनि देव भी है।
गुरुवार को श्री यमुनोत्री धाम के कपाट बंद होने की प्रक्रिया में यमुना जी के भाई शनिदेव श्री सोमेश्वर देवता खरशाली से डोली में बैठकर अपनी बहिन को मायके बुलाने यमुनोत्री धाम पहुंचे।
इसी के साथ मां यमुना की स्तुति के साथ ही विधि-विधान से यमुनोत्री धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद हो गये।
प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यात्रा के सफल संचालन के लिये सभी संबंधित को बधाई दी है।


कपाट बंद होने के बाद मां यमुना जी की उत्सव डोली शनिदेव सोमेश्वर देवता की डोली के साथ शीतकालीन प्रवास खरशाली(खुशीमठ) रवाना हो गयी और अपने शीतकालीन प्रवास में विराजमान हो गयी है।
इस यात्रा वर्ष 4 लाख 86 हजार तीर्थयात्रियों ने यमुनोत्री धाम के दर्शनों का पुण्य अर्जित किया।
अवसर पर श्री यमुनोत्री मंदिर समिति के पूर्व उपाध्यक्ष पवन उनियाल, सचिव सुरेश उनियाल, उपाध्यक्ष राजस्वरूप उनियाल, संदीप शास्त्री जी,प्रदीप उनियाल,प्रह्लाद उनियाल, तहसीलदार बड़कोट शिशुपाल सिंह असवाल, प्रधान‌ यशपाल राणा पदाधिकारीगण और पुलिस -प्रशासन के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
26 अक्टूबर श्री गंगोत्री धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद हुए । 27 अक्टूबर भैयादूज के अवसर पर श्री केदारनाथ धाम और श्री यमुनोत्री धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद हुए। 19 नवंबर को श्री बदरीनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद हो जायेंगे। जिलाधिकारी अभिषेक रूहेला और पुलिस अधीक्षक अर्पण यदुवंशी ने यमुनोत्री यात्रा के सफल संचालन को सभी संबंधित विभागों को धन्यवाद ज्ञापित किया है। उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड पुलिस बड़कोट – उत्तरकाशी ने यमुनोत्री धाम यात्रा के दौरान दिन-रात योगदान देकर यात्रा को निविघ्न संपन्न कराया।

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